कब तक रहेगा असर सूर्य'ग्रहण


इस साल का अंतिम कंकण सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को पौष अमावस के दिन लगेगा। इस दिन सूर्य लाल अंगूठी जैसा दिखाई देगा। गोरखपुर में इसकी दस्तक कब होगी? कब इसका मध्य समय होगा और कब इसका मोक्ष समय? ग्रहण काल के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? सूर्यग्रहण का किस राशि पर क्या असर होगा। ये सभी जानकारियां आगे की स्लाइड में आपको मिलेंगी





ग्रहण का सूतक काल 25 दिसंबर की रात 8:17 बजे से शुरू होगा। मान्यता के अनुसार सूतक लगने के बाद सभी शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे। पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि ग्रहण प्रात: 8 बजे से दोपहर लगभग डेढ़ बजे तक पूरे भारत में दिखाई देगा। ग्रहण की कंकण आकृति केरल तथा तमिलनाडु व कर्नाटक के दक्षिण भागों में ही दिखाई देगी।








देश के बाकी भागों में यह खंडग्रास रूप में ही दिखेगा। ग्रहण की अवधि पांच घंटा 36 मिनट एवं कंकण ग्रहण की कुल अवधि तीन मिनट 34 सेकंड होगी।

गोरखपुर में ग्रहण
स्पर्श का समय आठ बजकर 23 मिनट 20 सेकंड। मध्य नौ बजकर 41 मिनट 34 सेकंड। मोक्ष 11 बजकर 12 मिनट 50 सेकंड।



राशियों पर असर
मेष राशि : चिंता और संतान को कष्ट।
वृषभ राशि : शत्रुभय, साधारण लाभ।
मिथुन राशि : स्त्री/पति कष्ट।
कर्क राशि : रोग, गुप्त चिंता।
सिंह राशि : खर्च अधिक, कार्य में विलंब।
कन्या राशि : कार्य सिद्धि, सफलता।
तुला राशि : आर्थिक विकास, धन लाभ।
वृश्चिक राशि : कार्य में अवरोध, धन हानि।
धनु राशि : दुर्घटना, चोट- चपेट का भय, चिंता।
मकर राशि : धनु का अपव्यय और प्रत्येक कार्य में बाधा।
कुंभ राशि : लाभ, उन्नति के सुअवसर।
मीन राशि : रोग, कष्ट, भय की प्राप्ति


ग्रहण में क्या करें और क्या न करें
भारतीय विद्वत समिति के महामंत्री डॉ. जोखन पांडेय ने बताया कि सूर्य ग्रहण में भगवान सूर्य की पूजा, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र आदि सूर्य स्तोत्रों का पाठ करना चाहिए। पका हुआ अन्न, कटी हुई सब्जी ग्रहण काल में दूषित हो जाते हैं। परन्तु तेल, घी, दूध, दही, लस्सी, मक्खन, पनीर, चटनी, मुरब्बा आदि में तिल या कुशातृण रख देने से ये ग्रहण काल में दूषित नही होते हैं। सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुशा डालने की आवश्यकता नही है। ग्रहण के समय तथा ग्रहण की समाप्ति पर गर्म पानी से स्नान करना निषिद्ध है। ग्रहण काल में सोना, खाना- पीना, तैलमर्दन, मैथुन निषिद्ध है। नाखुन भी नही काटना चाहिए।


सूर्य ग्रहण एवं लोक भविष्य
गोरखपुर के पंडित राकेश पांडेय ने बताया कि यह ग्रहण पौष अमावस्या, बृहस्पतिवार को मूल नक्षत्र, धनु राशि तथा वृद्धि योग में घटित हो रहा है। ब्राह्मणों एवं क्षत्रियों के लिए शुभ नही है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत आदि प्रदेशों में उपद्रव आतंकी घटनाओं में विशेष वृद्धि होगी। कश्मीर, चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा मुस्लिम राष्ट्रों में राजनीतिक उथल-पुथल के संकेत हैं। विश्व में वर्षा की कमी तथा दुर्भिक्ष अर्थात अकाल जन्य परिस्थितियां बनेगी। वस्त्र, घी, मसालों के भाव में वृद्धि होगी। फलों के व्यापारियों, डॉक्टरों, वैद्यों तथा दवा का कार्य करने वालों को कष्ट, पीड़ा प्राप्त होगी।